श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 105: दुर्योधनका दु:शासनको भीष्मकी रक्षाके लिये आदेश, युधिष्ठिर और नकुल-सहदेवके द्वारा शकुनिकी घुड़सवार-सेनाकी पराजय तथा शल्यके साथ उन सबका युद्ध  »  श्लोक 25-26h
 
 
श्लोक  6.105.25-26h 
ततो दुर्योधनो दीनो दृष्ट्वा सैन्यं पराजितम्॥ २५॥
अब्रवीद् भरतश्रेष्ठ मद्रराजमिदं वच:।
 
 
अनुवाद
भरतश्रेष्ठ! तब अपनी सेना को पराजित देखकर दुर्योधन ने विनीत होकर मद्रराज शल्य से इस प्रकार कहा -॥25 1/2॥
 
Bharatshrestha! Then seeing his army defeated, Duryodhana became humble and said to Madra king Shalya thus -॥ 25 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)