श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 105: दुर्योधनका दु:शासनको भीष्मकी रक्षाके लिये आदेश, युधिष्ठिर और नकुल-सहदेवके द्वारा शकुनिकी घुड़सवार-सेनाकी पराजय तथा शल्यके साथ उन सबका युद्ध  »  श्लोक 19-20h
 
 
श्लोक  6.105.19-20h 
ते निपेतुर्महाराज निहता दृढधन्विभि:॥ १९॥
नागैरिव महानागा यथावद् गिरिगह्वरे।
 
 
अनुवाद
महाराज! उन बलवान धनुर्धरों द्वारा मारे गए वे घुड़सवार युद्धभूमि में उसी प्रकार गिर पड़े जैसे हाथियों द्वारा मारे जाने पर बड़े-बड़े हाथी पर्वतों की गुफाओं में गिर पड़ते हैं॥191/2॥
 
Maharaj! Those horsemen killed by those strong archers fell on the battlefield in the same manner as big elephants fall in the caves of mountains after being killed by elephants.॥ 19 1/2॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)