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mahabharat 6.104.5: आर्य! कुछ लोग अपने घोड़े, कुछ लोग अपने रथ और कुछ लोग अपने हाथी छोड़कर चारों ओर भागने लगे।   |   mahabharat अध्याय 6.104: अर्जुनके द्वारा त्रिगर्तोंकी पराजय, कौरव-पाण्डव-सैनिकोंका घोर युद्ध, अभिमन्युसे चित्रसेनकी, द्रोणसे द्रुपदकी और भीमसेनसे बाह्लीककी पराजय तथा सात्यकि और भीष्मका युद्ध   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 104: अर्जुनके द्वारा त्रिगर्तोंकी पराजय, कौरव-पाण्डव-सैनिकोंका घोर युद्ध, अभिमन्युसे चित्रसेनकी, द्रोणसे द्रुपदकी और भीमसेनसे बाह्लीककी पराजय तथा सात्यकि और भीष्मका युद्ध  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  6.104.5 
उत्सृज्य तुरगान् केचिद् रथान् केचिच्च मारिष।
गजानन्ये समुत्सृज्य प्राद्रवन्त दिशो दश॥ ५॥
 
 
अनुवाद
आर्य! कुछ लोग अपने घोड़े, कुछ लोग अपने रथ और कुछ लोग अपने हाथी छोड़कर चारों ओर भागने लगे।
 
Arya! Some people left their horses, some others their chariots and some others their elephants and started running in all directions. 5.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)