Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 6.103.45: हे विचित्रवीर्यपुत्र महाराज धृतराष्ट्र! पूर्वकाल में महापुरुषों की चेतावनी के बावजूद भी तुमने उनकी बात नहीं मानी, उसी का यह भयंकर फल तुम्हें मिला है। इसे देखो॥ 45॥ | mahabharat अध्याय 6.103: उभय पक्षकी सेनाओंका घमासान युद्ध और रक्तमयी रणनदीका वर्णन । mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यत् पुरा न निगृह्णासि वार्यमाणो महात्मभि:।
वैचित्रवीर्य तस्येदं फलं पश्य सुदारुणम्॥ ४५॥
अनुवाद
हे विचित्रवीर्यपुत्र महाराज धृतराष्ट्र! पूर्वकाल में महापुरुषों की चेतावनी के बावजूद भी तुमने उनकी बात नहीं मानी, उसी का यह भयंकर फल तुम्हें मिला है। इसे देखो॥ 45॥
O son of Vichitravirya, Maharaja Dhritarashtra! In the past, despite the warnings of the great men, you did not listen to them, and for that you have received this dreadful result. See this. ॥ 45॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥