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mahabharat 6.103.11: हे आर्य! उस समय गंगापुत्र भीष्म ने तीन सीधे बाणों से उन सबको घायल कर दिया और भाले से द्रुपद का धनुष काट डाला।   |   mahabharat अध्याय 6.103: उभय पक्षकी सेनाओंका घमासान युद्ध और रक्तमयी रणनदीका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 6: भीष्म पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 103: उभय पक्षकी सेनाओंका घमासान युद्ध और रक्तमयी रणनदीका वर्णन  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  6.103.11 
तान् प्रत्यविध्यद् गाङ्गेयस्त्रिभिस्त्रिभिरजिह्मगै:।
द्रुपदस्य च भल्लेन धनुश्चिच्छेद मारिष॥ ११॥
 
 
अनुवाद
हे आर्य! उस समय गंगापुत्र भीष्म ने तीन सीधे बाणों से उन सबको घायल कर दिया और भाले से द्रुपद का धनुष काट डाला।
 
O Arya! At that time, Ganga's son Bhishma wounded them all with three straight arrows and cut off Drupada's bow with a spear.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)