श्री महाभारत  »  पर्व 6: भीष्म पर्व  »  अध्याय 1: कुरुक्षेत्रमें उभय पक्षके सैनिकोंकी स्थिति तथा युद्धके नियमोंका निर्माण  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  6.1.33 
एवं ते समयं कृत्वा कुरुपाण्डवसोमका:।
विस्मयं परमं जग्मु: प्रेक्षमाणा: परस्परम्॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
ये नियम बनाकर कौरव, पाण्डव और सोमक आश्चर्यचकित होकर एक-दूसरे की ओर देखने लगे।
 
Having made these rules the Kauravas, Pandavas and Somakas looked at each other in astonishment.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)