श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 97: कण्व मुनिका दुर्योधनको संधिके लिये समझाते हुए मातलिका उपाख्यान आरम्भ करना  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  5.97.3 
आदित्यानां हि सर्वेषां विष्णुरेक: सनातन:।
अजय्यश्चाव्ययश्चैव शाश्वत: प्रभुरीश्वर:॥ ३॥
 
 
अनुवाद
अदिति के समस्त पुत्रों में अथवा समस्त आदित्यों में केवल भगवान विष्णु ही अजेय, अविनाशी, सर्वदा विद्यमान और सर्वशक्तिमान सनातन परमेश्वर हैं॥3॥
 
Among all the sons of Aditi or among all the Adityas, only Lord Vishnu is the invincible, indestructible, ever-present and all-powerful eternal God. 3॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas