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mahabharat 5.97.10: हे कुरुपुत्र! बलवानों में सैन्य शक्ति को बल नहीं माना जाता। सभी पांडव देवताओं के समान शक्तिशाली हैं, इसलिए वे तुमसे अधिक बलवान हैं।   |   mahabharat अध्याय 5.97: कण्व मुनिका दुर्योधनको संधिके लिये समझाते हुए मातलिका उपाख्यान आरम्भ करना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 97: कण्व मुनिका दुर्योधनको संधिके लिये समझाते हुए मातलिका उपाख्यान आरम्भ करना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  5.97.10 
न बलं बलिनां मध्ये बलं भवति कौरव।
बलवन्तो हि ते सर्वे पाण्डवा देवविक्रमा:॥ १०॥
 
 
अनुवाद
हे कुरुपुत्र! बलवानों में सैन्य शक्ति को बल नहीं माना जाता। सभी पांडव देवताओं के समान शक्तिशाली हैं, इसलिए वे तुमसे अधिक बलवान हैं।
 
O son of Kuru! Military power is not considered as strength among the strong. All the Pandavas are as powerful as the gods; hence they are stronger than you.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)