श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 93: श्रीकृष्णका कौरव-पाण्डवोंमें संधिस्थापनके प्रयत्नका औचित्य बताना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  5.93.9 
सेयमापन्महाघोरा कुरुष्वेव समुत्थिता।
कर्णदुर्योधनकृता सर्वे ह्येते तदन्वया:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
यह अत्यन्त भयंकर विपत्ति कर्ण और दुर्योधन के द्वारा ही उत्पन्न हुई है; क्योंकि ये समस्त राजा इन्हीं दोनों का अनुसरण करते हैं। अतः कौरव पक्ष में ही यह विपत्ति उत्पन्न हुई है॥9॥
 
This extremely dreadful calamity has been created by Karna and Duryodhan only; because all these kings follow these two only. Hence this calamity has arisen in the Kaurava side only.॥ 9॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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