Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.90.81: श्री कृष्ण! आप तो जानते ही हैं; यदि भीमसेन और अर्जुन अत्यन्त क्रोध करें, तो वे यमराज के समान होकर देवताओं को भी मृत्यु के निकट पहुँचा सकते हैं॥81॥ | mahabharat अध्याय 5.90: श्रीकृष्णका कुन्तीके समीप जाना एवं युधिष्ठिरका कुशल-समाचार पूछकर अपने दु:खोंका स्मरण करके विलाप करती हुई कुन्तीको आश्वासन देना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
विदितौ हि तवात्यन्तं क्रुद्धौ तौ तु यथान्तकौ।
भीमार्जुनौ नयेतां हि देवानपि परां गतिम्॥ ८१॥
अनुवाद
श्री कृष्ण! आप तो जानते ही हैं; यदि भीमसेन और अर्जुन अत्यन्त क्रोध करें, तो वे यमराज के समान होकर देवताओं को भी मृत्यु के निकट पहुँचा सकते हैं॥81॥
Sri Krishna! You already know; If Bhimsen and Arjun become very angry, then they can become like Yamraj and bring even the gods to the brink of death. 81॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥