Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.8.d2: शल्य बोले- महाराज! आप जो कह रहे हैं, वह ठीक है। राजन! मैं आपको प्रसन्नतापूर्वक वह वरदान देता हूँ जो आप माँग रहे हैं। वह इस प्रकार होगा- मैं आपकी सेना का सेनापति बनूँगा। | mahabharat अध्याय 5.8: शल्यका दुर्योधनके सत्कारसे प्रसन्न हो उसे वर देना और युधिष्ठिरसे मिलकर उन्हें आश्वासन देना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शल्य उवाच
एवमेतन्महाराज यथा वदसि पार्थिव।
एवं ददामि ते प्रीत एवमेतद् भविष्यति॥ )
अनुवाद
शल्य बोले- महाराज! आप जो कह रहे हैं, वह ठीक है। राजन! मैं आपको प्रसन्नतापूर्वक वह वरदान देता हूँ जो आप माँग रहे हैं। वह इस प्रकार होगा- मैं आपकी सेना का सेनापति बनूँगा।
Shalya said- Maharaj! What you are saying is correct. King! I happily give you the boon you are asking for. It will be like this- I will become the commander of your army.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥