Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 5.8.49: पिता जी! आप मुझसे जो कुछ करने को कह रहे हैं, मैं अवश्य करूँगा। इसके अतिरिक्त जो कुछ भी मुझसे बन पड़ेगा, वह आपका प्रिय कार्य अवश्य करूँगा। ॥49॥   |   mahabharat अध्याय 5.8: शल्यका दुर्योधनके सत्कारसे प्रसन्न हो उसे वर देना और युधिष्ठिरसे मिलकर उन्हें आश्वासन देना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 8: शल्यका दुर्योधनके सत्कारसे प्रसन्न हो उसे वर देना और युधिष्ठिरसे मिलकर उन्हें आश्वासन देना  »  श्लोक 49
 
 
श्लोक  5.8.49 
एवमेतत् करिष्यामि यथा तात त्वमात्थ माम्।
यच्चान्यदपि शक्ष्यामि तत् करिष्यामि ते प्रियम्॥ ४९॥
 
 
अनुवाद
पिता जी! आप मुझसे जो कुछ करने को कह रहे हैं, मैं अवश्य करूँगा। इसके अतिरिक्त जो कुछ भी मुझसे बन पड़ेगा, वह आपका प्रिय कार्य अवश्य करूँगा। ॥49॥
 
Father! Whatever you are asking me to do, I will certainly do it. Apart from this, whatever else I can do, I will certainly do your favourite work. ॥ 49॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)