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mahabharat 5.8.18: दुर्योधन ने कहा- हे शुभ सज्जन! आपकी बात सत्य हो। आप मुझे वर दीजिए। मैं चाहता हूँ कि आप मेरी सम्पूर्ण सेना के सेनापति बनें॥18॥   |   mahabharat अध्याय 5.8: शल्यका दुर्योधनके सत्कारसे प्रसन्न हो उसे वर देना और युधिष्ठिरसे मिलकर उन्हें आश्वासन देना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.8.18 
दुर्योधन उवाच
सत्यवाग् भव कल्याण वरो वै मम दीयताम्।
सर्वसेनाप्रणेता वै भवान् भवितुमर्हति॥ १८॥
 
 
अनुवाद
दुर्योधन ने कहा- हे शुभ सज्जन! आपकी बात सत्य हो। आप मुझे वर दीजिए। मैं चाहता हूँ कि आप मेरी सम्पूर्ण सेना के सेनापति बनें॥18॥
 
Duryodhan said- O auspicious gentleman! May what you say be true. You must grant me a boon. I want you to become the commander of my entire army.॥ 18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)