श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 79: श्रीकृष्णका अर्जुनको उत्तर देना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  5.79.16 
संजानंस्तस्य चात्मानं मम चैव परं मतम्।
अजानन्निव मां कस्मादर्जुनाद्याभिशङ्कसे॥ १६॥
 
 
अनुवाद
अर्जुन! दुर्योधन के भाव और मेरे दृढ़ निश्चय को जानकर भी आज तू अज्ञानी की भाँति मुझ पर क्यों संदेह कर रहा है?॥16॥
 
Arjun! Even after knowing the feelings of Duryodhan and my firm resolve, why are you doubting me like an ignorant person today?॥ 16॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)