श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 79: श्रीकृष्णका अर्जुनको उत्तर देना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  5.79.1 
श्रीभगवानुवाच
एवमेतन्महाबाहो यथा वदसि पाण्डव।
पाण्डवानां कुरूणां च प्रतिपत्स्ये निरामयम्॥ १॥
 
 
अनुवाद
श्रीभगवान बोले - महाबाहो पाण्डुकुमार! जैसा आप कहते हैं वैसा ही करना उचित है। मैं ऐसा करने का प्रयत्न करूँगा जिससे कौरव और पाण्डव दोनों का क्लेश दूर हो और वे सुखी हों॥1॥
 
Sri Bhagavan said - Mighty-armed Pandukumar! It is appropriate to do as you say. I will try to do that which will end the troubles of both the Kauravas and the Pandavas and make them happy.॥ 1॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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