श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 78: अर्जुनका कथन  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  5.78.10 
चिकीर्षितमथान्यत् ते तस्मिन् वीर दुरात्मनि।
भविष्यति च तत् सर्वं यथा तव चिकीर्षितम्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
हे वीर! यदि तुम उस दुष्टबुद्धि दुर्योधन के विरुद्ध और कुछ करना चाहते हो, तो वह कार्य तुम्हारी इच्छानुसार ही पूरा होगा ॥10॥
 
Brave! If you wish to do something more against that evil-minded Duryodhan, then that task will be accomplished in the manner you wish. ॥10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)