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mahabharat 5.76.9-10h: मेरी मोटी भुजाओं के बीच के हिस्से को देखो, जो बड़े-बड़े लोहे के छल्लों जैसे लग रहे हैं। मुझे कोई बहादुर आदमी नहीं दिख रहा जो इनमें घुसकर ज़िंदा बाहर आ सके। 9 1/2   |   mahabharat अध्याय 5.76: भीमसेनका उत्तर   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 76: भीमसेनका उत्तर  »  श्लोक 9-10h
 
 
श्लोक  5.76.9-10h 
पश्यैतदन्तरं बाह्वोर्महापरिघयोरिव॥ ९॥
य एतत् प्राप्य मुच्येत न तं पश्यामि पूरुषम्।
 
 
अनुवाद
मेरी मोटी भुजाओं के बीच के हिस्से को देखो, जो बड़े-बड़े लोहे के छल्लों जैसे लग रहे हैं। मुझे कोई बहादुर आदमी नहीं दिख रहा जो इनमें घुसकर ज़िंदा बाहर आ सके। 9 1/2
 
Look at the middle portion of my thick arms, which look like huge iron rings. I do not see any brave man who can enter them and come out alive. 9 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)