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श्री महाभारत
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पर्व 5: उद्योग पर्व
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अध्याय 74: भीमसेनका शान्तिविषयक प्रस्ताव
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श्लोक 8
श्लोक
5.74.8
दुर्योधनो हि यत्सेन: सर्वथा विदितस्तव।
यच्छीलो यत्स्वभावश्च यद्बलो यत्पराक्रम:॥ ८॥
अनुवाद
हे प्रभु! दुर्योधन की सेना का स्वरूप, उसका चरित्र और स्वभाव, उसका बल और पराक्रम, यह सब आप भली-भाँति जानते हैं।॥8॥
O Lord! The nature of Duryodhan's army, his character and temperament, his strength and valour, all of this is known to you in full detail. ॥ 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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