श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 70: भगवान‍् श्रीकृष्णके विभिन्न नामोंकी व्युत्पत्तियोंका कथन  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  5.70.14 
अतत्त्वं कुरुते तत्त्वं तेन मोहयते प्रजा:॥ १४॥
 
 
अनुवाद
वे अपनी शक्ति और ऊर्जा देकर असत्य को भी सत्य जैसा बना देते हैं और इस प्रकार सम्पूर्ण लोकों को मोहित कर लेते हैं ॥14॥
 
By giving them their power and energy they make even falsehood seem like truth and in this way they mesmerize the entire people. ॥14॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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