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mahabharat 5.7.34: दुर्योधन के चले जाने पर पीत वस्त्रधारी जगत् के रचयिता जनार्दन श्रीकृष्ण ने अर्जुन से कहा - 'पार्थ! मैं युद्ध नहीं करूँगा; फिर तुमने कितना विचार करके मुझे चुना है?' ॥34॥   |   mahabharat अध्याय 5.7: श्रीकृष्णका दुर्योधन तथा अर्जुन दोनोंको सहायता देना   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 7: श्रीकृष्णका दुर्योधन तथा अर्जुन दोनोंको सहायता देना  »  श्लोक 34
 
 
श्लोक  5.7.34 
तत: पीताम्बरधरो जगत्स्रष्टा जनार्दन:।
गते दुर्योधने कृष्ण: किरीटिनमथाब्रवीत्।
अयुध्यमान: कां बुद्धिमास्थायाहं वृतस्त्वया॥ ३४॥
 
 
अनुवाद
दुर्योधन के चले जाने पर पीत वस्त्रधारी जगत् के रचयिता जनार्दन श्रीकृष्ण ने अर्जुन से कहा - 'पार्थ! मैं युद्ध नहीं करूँगा; फिर तुमने कितना विचार करके मुझे चुना है?' ॥34॥
 
After Duryodhana left, Janardan Shri Krishna, the creator of the world wearing yellow robes, said to Arjun - 'Parth! I will not fight; Then how thoughtfully have you chosen me?' 34॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)