Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.7.3-4: जब मधुकुल के पुत्र श्रीकृष्ण और बलभद्र सैकड़ों वृष्णि, अंधक और भोजवंशी यादवों के साथ द्वारकापुरी के लिए प्रस्थान कर चुके थे, तब धृतराष्ट्र के पुत्र राजा दुर्योधन ने अपने द्वारा नियुक्त गुप्तचरों के द्वारा पाण्डवों की समस्त गतिविधियों का पता लगा लिया था। | mahabharat अध्याय 5.7: श्रीकृष्णका दुर्योधन तथा अर्जुन दोनोंको सहायता देना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
गते द्वारवतीं कृष्णे बलदेवे च माधवे।
सह वृष्ण्यन्धकै: सर्वैर्भोजैश्च शतशस्तदा॥ ३॥
सर्वमागमयामास पाण्डवानां विचेष्टितम्।
धृतराष्ट्रात्मजो राजा गूढै: प्रणिहितैश्चरै:॥ ४॥
अनुवाद
जब मधुकुल के पुत्र श्रीकृष्ण और बलभद्र सैकड़ों वृष्णि, अंधक और भोजवंशी यादवों के साथ द्वारकापुरी के लिए प्रस्थान कर चुके थे, तब धृतराष्ट्र के पुत्र राजा दुर्योधन ने अपने द्वारा नियुक्त गुप्तचरों के द्वारा पाण्डवों की समस्त गतिविधियों का पता लगा लिया था।
When Madhukul's son Sri Krishna and Balabhadra, along with hundreds of Vrishni, Andhaka and Bhojvanshi Yadavas, had left for Dwarkapuri, then King Duryodhana, son of Dhritarashtra, had found out about all the activities of the Pandavas through the spies appointed by him. 3-4.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥