श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 69: संजयका धृतराष्ट्रको श्रीकृष्ण-प्राप्ति एवं तत्त्वज्ञानका साधन बताना  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  5.69.16 
धृतराष्ट्र उवाच
अङ्ग संजय मे शंस पन्थानमकुतोभयम्।
येन गत्वा हृषीकेशं प्राप्नुयां सिद्धिमुत्तमाम्॥ १६॥
 
 
अनुवाद
धृतराष्ट्र बोले - हे पुत्र संजय, मुझे वह निर्भय मार्ग बताओ, जिससे मैं समस्त इन्द्रियों के स्वामी और परम मोक्ष के स्वरूप भगवान कृष्ण को प्राप्त कर सकूँ।
 
Dhritarashtra said - O son Sanjaya, tell me the fearless path by which I can achieve Lord Krishna, the master of all senses and the embodiment of supreme salvation.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)