श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 66: संजयका धृतराष्ट्रको अर्जुनका संदेश सुनाना  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  5.66.3 
संजय उवाच
वासुदेववच: श्रुत्वा कुन्तीपुत्रो धनंजय:।
उवाच काले दुर्धर्षो वासुदेवस्य शृण्वत:॥ ३॥
 
 
अनुवाद
संजय ने कहा- महाराज! वसुदेवनन्दन श्रीकृष्ण के वचन सुनकर वीर कुन्तीकुमार अर्जुन ने उन्हें सुनते हुए यह समयोचित बात कही-॥3॥
 
Sanjay said- Maharaj! Hearing the words of Vasudevanandan Shri Krishna, the brave Kuntikumar Arjun said this timely thing while listening to him -॥ 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)