श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 65: धृतराष्ट्रका दुर्योधनको समझाना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  5.65.8 
य: पुन: प्रतिमानेन त्रीँल्लोकानतिरिच्यते।
तं कृष्णं पुण्डरीकाक्षं को नु युद्धॺेत बुद्धिमान्॥ ८॥
 
 
अनुवाद
कौन बुद्धिमान् पुरुष उन कमलनेत्र भगवान् श्रीकृष्ण से युद्ध करेगा, जो तीनों लोकों से भी महान हैं?॥8॥
 
Which sensible man would fight with the lotus-eyed Lord Krishna, Who is greater than even the three worlds in comparison? ॥ 8॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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