Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.61.17: ‘महाराज! मेरे राज्य में रहने वाले लोगों के लिए बादल खूब वर्षा करते हैं, सारी प्रजा धर्मपरायण रहती है और मेरे राष्ट्र में अनावृष्टि या अतिवृष्टि जैसी किसी प्रकार की समस्या नहीं होती।॥ 17॥ | mahabharat अध्याय 5.61: दुर्योधनद्वारा आत्मप्रशंसा । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
‘महाराज! मेरे राज्य में रहने वाले लोगों के लिए बादल खूब वर्षा करते हैं, सारी प्रजा धर्मपरायण रहती है और मेरे राष्ट्र में अनावृष्टि या अतिवृष्टि जैसी किसी प्रकार की समस्या नहीं होती।॥ 17॥
‘Maharaj! The clouds rain abundantly for the people living in my kingdom, all the people remain devoted to Dharma and there is no problem of any kind like drought or excessive rain in my nation.॥ 17॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥