श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 6: द्रुपदका पुरोहितको दौत्यकर्मके लिये अनुमति देना तथा पुरोहितका हस्तिनापुरको प्रस्थान  »  श्लोक 9-10h
 
 
श्लोक  5.6.9-10h 
विदुरश्चापि तद् वाक्यं साधयिष्यति तावकम्॥ ९॥
भीष्मद्रोणकृपादीनां भेदं संजनयिष्यति।
 
 
अनुवाद
वहाँ विदुर जी भी तुम्हारी बातों का समर्थन करेंगे और तुम भीष्म, द्रोण और कृपाचार्य आदि में मतभेद उत्पन्न करोगे ॥9 1/2॥
 
Vidur ji will also support your words there and you will create differences between Bhishma, Drona and Kripacharya etc. ॥ 9 1/2॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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