Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.6.12-13h: जब हमारे सम्बन्धी वहाँ उपस्थित होंगे और तुम भी वहाँ रहकर लौटने में विलम्ब करते रहोगे, तब निःसंदेह वे सेना को एकत्र करने का कार्य ठीक प्रकार से नहीं कर सकेंगे ॥12 1/2॥ | mahabharat अध्याय 5.6: द्रुपदका पुरोहितको दौत्यकर्मके लिये अनुमति देना तथा पुरोहितका हस्तिनापुरको प्रस्थान । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
विद्यमानेषु च स्वेषु लम्बमाने तथा त्वयि॥ १२॥
न तथा ते करिष्यन्ति सेनाकर्म न संशय:।
अनुवाद
जब हमारे सम्बन्धी वहाँ उपस्थित होंगे और तुम भी वहाँ रहकर लौटने में विलम्ब करते रहोगे, तब निःसंदेह वे सेना को एकत्र करने का कार्य ठीक प्रकार से नहीं कर सकेंगे ॥12 1/2॥
When our relatives are present there and you too stay there and keep delaying your return, then undoubtedly they will not be able to carry out the task of gathering the army properly. ॥12 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥