श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 59: संजयका धृतराष्ट्रके पूछनेपर उन्हें श्रीकृष्ण और अर्जुनके अन्त:पुरमें कहे हुए संदेश सुनाना  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  5.59.7 
अर्जुनोत्सङ्गगौ पादौ केशवस्योपलक्षये।
अर्जुनस्य च कृष्णायां सत्यायां च महात्मन:॥ ७॥
 
 
अनुवाद
मैंने देखा कि श्री कृष्ण के दोनों पैर अर्जुन की गोद में थे और महात्मा अर्जुन का एक पैर द्रौपदी की गोद में तथा दूसरा सत्यभामा की गोद में था।
 
I saw that both the feet of Shri Krishna were in Arjun's lap and one foot of Mahatma Arjun was in Draupadi's lap and the other in Satyabhama's lap.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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