श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 59: संजयका धृतराष्ट्रके पूछनेपर उन्हें श्रीकृष्ण और अर्जुनके अन्त:पुरमें कहे हुए संदेश सुनाना  »  श्लोक 31
 
 
श्लोक  5.59.31 
केशवस्य वच: श्रुत्वा किरीटी श्वेतवाहन:।
अर्जुनस्तन्महद् वाक्यमब्रवीद् रोमहर्षणम्॥ ३१॥
 
 
अनुवाद
भगवान् श्रीकृष्ण के वचन सुनकर श्वेत मुकुटधारी अर्जुन ने भी वही रोमांचकारी वचन दोहराया॥31॥
 
Hearing the words of Lord Shri Krishna, the crowned white vehicle Arjun also repeated the same thrilling statement. 31॥
 
इति श्रीमहाभारते उद्योगपर्वणि यानसंधिपर्वणि संजयेन श्रीकृष्णवाक्यकथने एकोनषष्टितमोऽध्याय:॥ ५९॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत उद्योगपर्वके अन्तर्गत यानसंधिपर्वमें संजयद्वारा श्रीकृष्णके संदेशका कथनविषयक उनसठवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ५९॥

 
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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