श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 59: संजयका धृतराष्ट्रके पूछनेपर उन्हें श्रीकृष्ण और अर्जुनके अन्त:पुरमें कहे हुए संदेश सुनाना  »  श्लोक 28
 
 
श्लोक  5.59.28 
एकेन पाण्डुपुत्रेण विराटनगरे यदा।
भग्ना: पलायत दिश: पर्याप्तं तन्निदर्शनम्॥ २८॥
 
 
अनुवाद
जब तुम लोग विराटनगर में पाण्डवपुत्र अर्जुन से पराजित हो गए थे, तब तुम सब लोग भागकर भिन्न-भिन्न दिशाओं में शरण लेने लगे थे; वह एक ही घटना अर्जुन के बल का पर्याप्त प्रमाण है॥ 28॥
 
When you were defeated by Arjuna, the only son of Pandava, in Viratnagar, you all fled and took refuge in different directions; that single instance alone is a sufficient proof of Arjuna's strength.॥ 28॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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