श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 59: संजयका धृतराष्ट्रके पूछनेपर उन्हें श्रीकृष्ण और अर्जुनके अन्त:पुरमें कहे हुए संदेश सुनाना  »  श्लोक 25
 
 
श्लोक  5.59.25 
बाहुभ्यामुद्वहेद् भूमिं दहेत् क्रुद्ध इमा: प्रजा:।
पातयेत् त्रिदिवाद् देवान् योऽर्जुनं समरे जयेत्॥ २५॥
 
 
अनुवाद
जो अर्जुन को युद्ध में परास्त कर दे, वह इस पृथ्वी को अपनी दोनों भुजाओं पर उठा सकता है, क्रोध करके इन समस्त लोगों को भस्म कर सकता है और स्वर्ग से समस्त देवताओं को नीचे गिरा सकता है॥ 25॥
 
He who defeats Arjuna in battle can lift this earth on his two arms, can turn all these people into ashes in anger and can throw down all the gods from heaven.॥ 25॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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