श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 59: संजयका धृतराष्ट्रके पूछनेपर उन्हें श्रीकृष्ण और अर्जुनके अन्त:पुरमें कहे हुए संदेश सुनाना  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  5.59.18 
वासुदेव उवाच
संजयेदं वचो ब्रूया धृतराष्ट्रं मनीषिणम्।
कुरुमुख्यस्य भीष्मस्य द्रोणस्यापि च शृण्वत:॥ १८॥
 
 
अनुवाद
भगवान् श्रीकृष्ण ने कहा- संजय! जब कुरुकुल के प्रधान पुरुष भीष्म और गुरु द्रोण भी सुन रहे हों, उसी समय बुद्धिमान राजा धृतराष्ट्र से यह बात कहो॥18॥
 
Lord Shri Krishna said- Sanjay! When the chief man of Kurukula, Bhishma, and the teacher Drona are also listening, at the same time, tell this to the wise king Dhritarashtra. 18॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas