श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 59: संजयका धृतराष्ट्रके पूछनेपर उन्हें श्रीकृष्ण और अर्जुनके अन्त:पुरमें कहे हुए संदेश सुनाना  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  5.59.14 
धनुर्गुणकिणाङ्केन पाणिना शुभलक्षणम्।
पादमानमयन् पार्थ: केशवं समचोदयत्॥ १४॥
 
 
अनुवाद
तब अर्जुन ने धनुष की डोरी की रगड़ से चिन्हित हाथ से भगवान श्रीकृष्ण के शुभ चिह्नों से युक्त चरणों को धीरे से दबाया और उनसे आग्रह किया कि आप मुझे उत्तर दीजिए॥14॥
 
Then Arjuna, with the hand which had bear marks from the rubbing of the bow-string, gently pressed the feet of Lord Krishna which were marked with auspicious signs and urged Him to answer me.॥ 14॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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