श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 59: संजयका धृतराष्ट्रके पूछनेपर उन्हें श्रीकृष्ण और अर्जुनके अन्त:पुरमें कहे हुए संदेश सुनाना  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  5.59.1 
धृतराष्ट्र उवाच
यदब्रूतां महात्मानौ वासुदेवधनंजयौ।
तन्मे ब्रूहि महाप्राज्ञ शुश्रूषे वचनं तव॥ १॥
 
 
अनुवाद
धृतराष्ट्र ने पूछा - हे बुद्धिमान संजय! महाबली भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन ने जो कुछ कहा है, उसे मुझसे कहिए; मैं आपके मुख से उनका सन्देश सुनना चाहता हूँ॥1॥
 
Dhritarashtra asked - O wise Sanjaya! Tell me whatever the great Lord Krishna and Arjuna have said; I want to hear their message from your mouth.॥ 1॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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