श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 58: धृतराष्ट्रका दुर्योधनको संधिके लिये समझाना, दुर्योधनका अहंकारपूर्वक पाण्डवोंसे युद्ध करनेका ही निश्चय तथा धृतराष्ट्रका अन्य योद्धाओंको युद्धसे भय दिखाना  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  5.58.19 
धृतराष्ट्र उवाच
सर्वान् वस्तात शोचामि त्यक्तो दुर्योधनो मया।
ये मन्दमनुयास्यध्वं यान्तं वैवस्वतक्षयम्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
धृतराष्ट्र बोले - हे कौरवों! मैंने दुर्योधन का परित्याग कर दिया है। तुममें से जो लोग उस मूर्ख के पीछे यमलोक जाएँगे, उनके लिए मुझे शोक है॥ 19॥
 
Dhritarashtra said - O Kauravas, I have abandoned Duryodhan. I am in grief for all those among you who will follow that fool to Yamaloka.॥ 19॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)