अजमीढ़कुल के पुत्र! देवराज इन्द्र द्वारा दिए गए हरे रंग के उत्तम घोड़े, जो वायु के समान बलवान और वेगवान हैं, माद्रीपुत्र वीर नकुल के रथ का भार उसी प्रकार वहन करते हैं, जैसे वे पहले वृत्रशत्रु देवेन्द्र का भार वहन करते थे॥ 16॥
Son of Ajamidhkul! The excellent horses of green colour, given by Devraj Indra, which are as strong and swift as the wind, carry the load of the chariot of the brave Nakula, son of Madri. Just like they used to bear the load of Vritrashatru Devendra earlier.॥ 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥