Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.55.11: ऐसी स्थिति में इस समय हमारा क्या कर्तव्य है? क्या हम उनके चरणों पर गिरकर, पीठ दिखाकर भाग जाएँ अथवा प्राणों की आसक्ति त्यागकर शत्रुओं का सामना करें?॥11॥ | mahabharat अध्याय 5.55: धृतराष्ट्रको धैर्य देते हुए दुर्योधनद्वारा अपने उत्कर्ष और पाण्डवोंके अपकर्षका वर्णन । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ऐसी स्थिति में इस समय हमारा क्या कर्तव्य है? क्या हम उनके चरणों पर गिरकर, पीठ दिखाकर भाग जाएँ अथवा प्राणों की आसक्ति त्यागकर शत्रुओं का सामना करें?॥11॥
‘In such a situation, what is our duty at this time? Should we fall at his feet, turn our backs and run away or face the enemies giving up our attachment to life?॥ 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥