श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 52: धृतराष्ट्रद्वारा अर्जुनसे प्राप्त होनेवाले भयका वर्णन  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  5.52.7 
सर्वे ह्यस्त्रविद: शूरा: सर्वे प्राप्ता महद् यश:।
अपि सर्वामरैश्वर्यं त्यजेयुर्न पुनर्जयम्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
सभी पाण्डव युद्धकला में निपुण, वीर योद्धा और महान यश वाले हैं। वे समस्त देवताओं का धन त्याग सकते हैं, परन्तु अपनी विजय से विमुख नहीं होंगे।॥7॥
 
All the Pandavas are experts in the art of warfare, valiant warriors and have great fame. They can give up the wealth of all the gods, but will not turn their back on their victory. ॥ 7॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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