| श्री महाभारत » पर्व 5: उद्योग पर्व » अध्याय 52: धृतराष्ट्रद्वारा अर्जुनसे प्राप्त होनेवाले भयका वर्णन » श्लोक 19 |
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| | | | श्लोक 5.52.19  | यदोद्वमन् निशितान् बाणसंघां-
स्तानाततायी समरे किरीटी।
सृष्टोऽन्तक: सर्वहरो विधात्रा
यथा भवेत् तद्वदपारणीय:॥ १९॥ | | | | | | अनुवाद | | जब किरीटधारी अर्जुन अपने शस्त्र धारण करके युद्धभूमि में क्रोधपूर्वक अपने तीखे बाणों की वर्षा करेंगे, तब उन्हें जीतना असम्भव होगा, क्योंकि प्रजापति ने सर्वसंहारकारी काल की रचना की है ॥19॥ | | | | When the crown-wearing Arjuna, wielding his weapon, will angrily shower his sharp arrows on the battle-field, it will be impossible to overcome him, as the all-destructive time has been created by the Creator. ॥19॥ | | ✨ ai-generated | | |
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