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mahabharat 5.52.10-11h: खांडव दाह के समय अर्जुन ने तैंतीस देवताओं को युद्ध के लिए ललकारा और अग्निदेव को संतुष्ट करके सभी देवताओं को परास्त कर दिया। हमें आज तक यह पता नहीं चला कि वह कभी पराजित हुए थे या नहीं।   |   mahabharat अध्याय 5.52: धृतराष्ट्रद्वारा अर्जुनसे प्राप्त होनेवाले भयका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  5.52.10-11h 
त्रयस्त्रिंशत् समाहूय खाण्डवेऽग्निमतर्पयत्॥ १०॥
जिगाय च सुरान् सर्वान् नास्य विद्म: पराजयम्।
 
 
अनुवाद
खांडव दाह के समय अर्जुन ने तैंतीस देवताओं को युद्ध के लिए ललकारा और अग्निदेव को संतुष्ट करके सभी देवताओं को परास्त कर दिया। हमें आज तक यह पता नहीं चला कि वह कभी पराजित हुए थे या नहीं।
 
At the time of Khandava Daah, Arjuna challenged the thirty-three gods for a fight and satisfied Agnidev and defeated all the gods. We have not found out till date if he was ever defeated. 10 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)