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श्री महाभारत
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पर्व 5: उद्योग पर्व
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अध्याय 50: संजयद्वारा युधिष्ठिरके प्रधान सहायकोंका वर्णन
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श्लोक 49
श्लोक
5.50.49
द्रुपदश्च महातेजा बलेन महता वृत:।
त्यक्तात्मा पाण्डवार्थाय योत्स्यमानो व्यवस्थित:॥ ४९॥
अनुवाद
पराक्रमी राजा द्रुपद बड़ी सेना लेकर आ पहुँचे हैं और अपने शरीर और प्राणों की भी परवाह न करते हुए पाण्डवों की ओर से युद्ध करने को तैयार हैं ॥ 49॥
The mighty King Drupada has arrived with a large army and is ready to fight for the Pandavas without caring for his own body and life. ॥ 49॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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