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mahabharat 5.50.29-30: कुरुपुत्र! हजारों म्लेच्छों से भरे हुए पश्चिम क्षेत्र को जीतकर अपने अधीन करने वाले योद्धा नकुल, अद्वितीय युद्ध कौशल से युक्त होकर युद्ध के लिए तैयार खड़े हैं। माद्रीपुत्र नकुल महान धनुर्धर और अत्यंत तेजस्वी योद्धा हैं। उनके पराक्रम से पांडव आप सभी पर आक्रमण करने के लिए तैयार हो गए हैं।   |   mahabharat अध्याय 5.50: संजयद्वारा युधिष्ठिरके प्रधान सहायकोंका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 50: संजयद्वारा युधिष्ठिरके प्रधान सहायकोंका वर्णन  »  श्लोक 29-30
 
 
श्लोक  5.50.29-30 
य: प्रतीचीं दिशं चक्रे वशे म्लेच्छगणायुताम्।
स तत्र नकुलो योद्धा चित्रयोधी व्यवस्थित:॥ २९॥
तेन वो दर्शनीयेन वीरेणातिधनुर्भृता।
माद्रीपुत्रेण कौरव्य पाण्डवा अभ्ययुञ्जत॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
कुरुपुत्र! हजारों म्लेच्छों से भरे हुए पश्चिम क्षेत्र को जीतकर अपने अधीन करने वाले योद्धा नकुल, अद्वितीय युद्ध कौशल से युक्त होकर युद्ध के लिए तैयार खड़े हैं। माद्रीपुत्र नकुल महान धनुर्धर और अत्यंत तेजस्वी योद्धा हैं। उनके पराक्रम से पांडव आप सभी पर आक्रमण करने के लिए तैयार हो गए हैं।
 
Son of Kuru! Nakula, the warrior who had conquered the western region which was filled with thousands of mlechhas and brought it under his control, is standing there ready for battle, skilled in fighting in a unique manner. Nakula, the son of Madri, is a great archer and a very spectacular warrior. With his strength, the Pandavas have prepared to attack you all. 29-30.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)