Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 5.50.13: धृतराष्ट्र ने कहा, "संजय ने अवश्य ही कुन्ती के पुत्रों, महाबली योद्धाओं को देखा है। ऐसा प्रतीत होता है कि उन सिंहहृदय पाण्डवों ने उसके मन को अत्यन्त व्याकुल कर दिया है।"   |   mahabharat अध्याय 5.50: संजयद्वारा युधिष्ठिरके प्रधान सहायकोंका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 50: संजयद्वारा युधिष्ठिरके प्रधान सहायकोंका वर्णन  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  5.50.13 
धृतराष्ट्र उवाच
अपश्यत् संजयो नूनं कुन्तीपुत्रान् महारथान्।
तैरस्य पुरुषव्याघ्रैर्भृशमुद्वेजितं मन:॥ १३॥
 
 
अनुवाद
धृतराष्ट्र ने कहा, "संजय ने अवश्य ही कुन्ती के पुत्रों, महाबली योद्धाओं को देखा है। ऐसा प्रतीत होता है कि उन सिंहहृदय पाण्डवों ने उसके मन को अत्यन्त व्याकुल कर दिया है।"
 
Dhritarashtra said, "Sanjaya has surely seen the mighty warriors, the sons of Kunti. It seems that those lion-hearted Pandavas have greatly agitated his mind."
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)