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mahabharat 5.49.41: 'वहां भी महात्मा भीमसेन, अर्जुन तथा नकुल-सहदेव ने मिलकर उन गंधर्वों को परास्त किया।   |   mahabharat अध्याय 5.49: भीष्मका दुर्योधनको संधिके लिये समझाते हुए श्रीकृष्ण और अर्जुनकी महिमा बताना एवं कर्णपर आक्षेप करना, कर्णकी आत्मप्रशंसा, भीष्मके द्वारा उसका पुन: उपहास एवं द्रोणाचार्यद्वारा भीष्मजीके कथनका अनुमोदन   ।   mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 49: भीष्मका दुर्योधनको संधिके लिये समझाते हुए श्रीकृष्ण और अर्जुनकी महिमा बताना एवं कर्णपर आक्षेप करना, कर्णकी आत्मप्रशंसा, भीष्मके द्वारा उसका पुन: उपहास एवं द्रोणाचार्यद्वारा भीष्मजीके कथनका अनुमोदन  »  श्लोक 41
 
 
श्लोक  5.49.41 
ननु तत्रापि भीमेन पार्थेन च महात्मना।
यमाभ्यामेव संगम्य गन्धर्वास्ते पराजिता:॥ ४१॥
 
 
अनुवाद
'वहां भी महात्मा भीमसेन, अर्जुन तथा नकुल-सहदेव ने मिलकर उन गंधर्वों को परास्त किया।
 
‘There also, Mahatma Bhimasena, Arjun and Nakul-Sahadeva together defeated those Gandharvas.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)