श्री महाभारत  »  पर्व 5: उद्योग पर्व  »  अध्याय 49: भीष्मका दुर्योधनको संधिके लिये समझाते हुए श्रीकृष्ण और अर्जुनकी महिमा बताना एवं कर्णपर आक्षेप करना, कर्णकी आत्मप्रशंसा, भीष्मके द्वारा उसका पुन: उपहास एवं द्रोणाचार्यद्वारा भीष्मजीके कथनका अनुमोदन  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  5.49.36 
एतमाश्रित्य पुत्रस्ते मन्दबुद्धि: सुयोधन:।
अवामन्यत तान् वीरान् देवपुत्रानरिंदमान्॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
आपके मंदबुद्धि पुत्र दुर्योधन ने इसी का सहारा लेकर शत्रुओं का दमन करने वाले वीर देवपुत्र पाण्डवों का अपमान किया है॥ 36॥
 
Your dull-witted son Duryodhana has taken recourse to this and insulted the Pandavas, the brave sons of gods, who were suppressing their enemies.॥ 36॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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