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श्लोक 5.49.26  |
न चेद् ग्रहीष्यसे वाक्यं श्रोतासि सुबहून् हतान्।
तवैव हि मतं सर्वे कुरव: पर्युपासते॥ २६॥ |
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| अनुवाद |
| यदि तुम मेरी बात नहीं मानोगे तो एक दिन तुम सुनोगे कि हमारे बहुत से सम्बन्धी मारे गए हैं, क्योंकि सभी कौरव तुम्हारे मत का पालन करते हैं॥ 26॥ |
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| If you do not obey me, then one day you will hear that many of our relatives have been killed because all the Kauravas follow your opinion.॥ 26॥ |
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