Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.48.96: कौरवों! मैं तुमसे स्पष्ट कह देना चाहता हूँ कि यदि धृतराष्ट्र के पुत्र युद्धभूमि में आएँगे, तो जीवित नहीं बचेंगे। कौरवों के प्राण तभी बच सकते हैं, जब वे युद्ध से दूर रहें। यदि युद्ध छिड़ गया, तो उनमें से कोई भी यहाँ नहीं बचेगा॥ 96॥ | mahabharat अध्याय 5.48: संजयका कौरवसभामें अर्जुनका संदेश सुनाना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कौरवों! मैं तुमसे स्पष्ट कह देना चाहता हूँ कि यदि धृतराष्ट्र के पुत्र युद्धभूमि में आएँगे, तो जीवित नहीं बचेंगे। कौरवों के प्राण तभी बच सकते हैं, जब वे युद्ध से दूर रहें। यदि युद्ध छिड़ गया, तो उनमें से कोई भी यहाँ नहीं बचेगा॥ 96॥
‘Kauravas! I want to tell you clearly that if Dhritarashtra's sons enter the battlefield, they will not survive. The lives of the Kauravas can be saved only if they stay away from the war. If the war breaks out, none of them will remain here.॥ 96॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥