Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.48.85: इस प्रकार अतुलनीय प्रभावशाली विद्वान श्रीकृष्ण भूमिपुत्र नरकासुर और मूर्ख का वध करके वहाँ से देवी अदिति के उन दो अनमोल कुण्डलों को ले गए और विजय, लक्ष्मी और उज्ज्वल यश से सुशोभित होकर अपने धाम को लौट गए॥85॥ | mahabharat अध्याय 5.48: संजयका कौरवसभामें अर्जुनका संदेश सुनाना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
आहृत्य कृष्णो मणिकुण्डले ते
हत्वा च भौमं नरकं मुरं च।
श्रिया वृतो यशसा चैव विद्वान्
प्रत्याजगामाप्रतिमप्रभाव:॥ ८५॥
अनुवाद
इस प्रकार अतुलनीय प्रभावशाली विद्वान श्रीकृष्ण भूमिपुत्र नरकासुर और मूर्ख का वध करके वहाँ से देवी अदिति के उन दो अनमोल कुण्डलों को ले गए और विजय, लक्ष्मी और उज्ज्वल यश से सुशोभित होकर अपने धाम को लौट गए॥85॥
In this way, the incomparable influential scholar Shri Krishna, after killing Bhumi's son Narakasura and Murka, took from there those two precious earrings of Goddess Aditi and returned to his abode adorned with victory, Lakshmi and bright fame. 85॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥