Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 5.48.79: उसने सौभ विमान पर बैठे हुए, माया के कारण अत्यंत भयंकर रूप धारण कर चुके तथा आकाश में स्थित शाल्वराज के साथ युद्ध किया तथा सौभ विमान के द्वार पर रखी हुई शतग्नि (एक प्रकार की लकड़ी) को दोनों हाथों से पकड़ लिया। फिर कौन मनुष्य उसके तेज को सहन कर सकता है?॥ 79॥ | mahabharat अध्याय 5.48: संजयका कौरवसभामें अर्जुनका संदेश सुनाना । mahabharat पर्व 5: उद्योग पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उसने सौभ विमान पर बैठे हुए, माया के कारण अत्यंत भयंकर रूप धारण कर चुके तथा आकाश में स्थित शाल्वराज के साथ युद्ध किया तथा सौभ विमान के द्वार पर रखी हुई शतग्नि (एक प्रकार की लकड़ी) को दोनों हाथों से पकड़ लिया। फिर कौन मनुष्य उसके तेज को सहन कर सकता है?॥ 79॥
He fought with Shalvaraj who was sitting on the Saubha plane and who had assumed a very fearsome form due to Maya and who was in the sky and caught the Shatagni (a kind of stick) placed at the door of the Saubha plane with both his hands. Then which man can bear his speed?॥ 79॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥