ह्रीमान् मनीषी बलवान् मनस्वी
स लक्ष्मीवान् सोमकानां प्रबर्ह:।
न जातु तं शत्रवोऽन्ये सहेरन्
येषां स स्यादग्रणीर्वृष्णिसिंह:॥ ४३॥
अनुवाद
सोमकवंश का प्रधान वीर धृष्टद्युम्न लज्जाशील, बलवान, बुद्धिमान, दयालु और वीर सौन्दर्य से युक्त है। उसी प्रकार वृष्णिवंश में, जिसका अधिपति सिंह के समान पराक्रमी वीर सात्यकि है, उसका वेग अन्य शत्रु कभी सहन नहीं कर सकते ॥43॥
That chief hero of the Somak dynasty, Dhrishtadyumna, is shy, strong, intelligent, kind-hearted and full of heroic beauty. Similarly, in the Vrishni dynasty, whose leader is the brave Satyaki, as mighty as a lion, other enemies can never bear his speed. 43॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥